भीलवाड़ा: अवैध खनन माफियाओं पर बरसे राजेंद्र राठौड़, कहा- ठेका मंत्री जाट के रिश्तेदार के पास

Pramod Tiwari

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Bhilwara: नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने भीलवाड़ा में खनन माफिया के खिलाफ जमकर हमला बोला. राठौड़ ने ने कहा कि भ्रष्टाचार का तांडव है कि जिस प्रकार खनन माफियाओं ने पूरे भीलवाड़ा की पेरीफेरी को शिकंजे में ले रखा है. अवैध रॉयल्टी की वसूली हो रही है. ऐसे में जिस प्रकार का व्यवहार यह सरकार कर रही है उसे महंगा पड़ेगा सरकार वास्तविकता से मुंह मोड़ रही है.

नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने राजस्व मंत्री रामलाल जाट का नाम लिए बिना कहा कि जिस अवैध रॉयल्टी वसूली का जिक्र किया है. वह मामला भीलवाड़ा जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर दरीबा, समोडी और पांसल की डांग के रॉयल्टी ठेके का है. जो जाट के रिश्तेदार डालचंद चौधरी के बेटे राहुल चौधरी के नाम पर है.

क्षेत्र में चुनाई पत्थर की 10 माइनिंग लीज स्वीकृत है और इसकी आड़ में 100 से अधिक अवैध खदानों में प्रतिदिन 500 ट्रैक्टर ट्रॉली चिनाई पत्थर निकालकर उनको गिट्टी क्रेशर यूनिट्स को सप्लाई किया जाता है. राहुल चौधरी का रॉयल्टी वसूली का ठेका इसी साल 31 मार्च को समाप्त हो चुका है लेकिन विभाग ने 10% राशि बढ़ाकर अगले 3 माह तक यह ठेका बढ़ा दिया है. हालांकि इसके नए टेंडर जारी हो गये हैं. जो 12 अप्रैल को खोले जाएंगे. यदि नया ठेकेदार नहीं आया तो यह ठेका 3 महीने तक राहुल चौधरी के पास ही रहेगा.

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इस क्षेत्र में रॉयल्टी का सबसे बड़ा खेल 10 वैध खान की आड़ में चल रही 100 से अधिक अवैध खानों की रॉयल्टी का है. जिसका पैसा सरकारी खजाने में जाने के बजाय ठेकेदार के पास जा रहा है. अवैध खनन रोकने के लिए भीलवाड़ा में खनिज विभाग के तमाम अधिकारी के साथ पुलिस का जाब्ता हर समय तैनात रहता है. मगर अवैध खनन पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है.

भीलवाड़ा के खनिज अभियंता जिनेश हुमड़ ने बताया कि ठेका अवधि समाप्त होने वाली थी और टेंडर 12 अप्रैल को खुलेगा. इसलिए 10% राशि बढ़ाकर ठेका अवधि बढ़ाई गई है. यदि टेंडर में कोई ठेकेदार आ जाता है तो यह ठेका स्वत ही निरस्त हो जाएगा. नहीं आने पर पुराना रॉयल्टी ठेकेदार 3 माह तक काम करेगा. अवैध खनन की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई करते हैं.

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सबसे बड़ा सवाल यह है कि खनिज अभियंताओं की इतनी बड़ी फौज के बावजूद भी जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर एक दो नहीं 100 से अधिक खानों में हो रहे अवैध खनन की जानकारी इनके पास नहीं है और यह कोई कार्रवाई भी नहीं कर रहे हैं.

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