Rajasthan में कोई Election नहीं, फिर क्यों इस गांव में हो रहा मतदान? जानें पूरा मामला

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कोटपुतली के कासली गांव में मतदान के लिए महिला-पुरुषों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग कतार में लगाकर मतदान के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे थे. दिलचस्प बात यह है कि यह मतदान किसी जनप्रतिनिधि के चुनाव के लिए नहीं था. ना ही ये लोग अपना नेता चुनने के लिए कतार में लगे थे. बल्कि गांव में किसी और मकसद से वोटिंग कराई जा रही थी. जिसके लिए महिलाएं गीत गाती हुई बाकायदा मतदान केंद्र तक पहुंचीं. इस मतदान के लिए प्रशासन की ओर  से माकूल व्यवस्थाएं की गई है.

यह मतदान कांसली ग्राम पंचायत को शराब मुक्त बनाने के लिए मतदान किया जा रहा है. शराब ठेका बंद कराने के लिए महिलाओ में मतदान के लिए खासा उत्साह देखा जा रहा है. 

 

 

नशे की लत से ग्रामीण चिंतित

शराबबंदी की इस मुहिम में महिला-पुरुष, युवा ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग और दिव्यांग भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं. मतदान केंद्र पर सुबह 10 बजे से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई. स्थानीय निवासियों ने बताया कि पंचायत में शराब के ठेके के कारण युवा पीढ़ी नशे की लत में पड़ रही है, जिससे ग्रामीण चिंतित है. जिसके चलते ग्रामीणों ने गांव में ठेके को बंद कराने के लिए प्रशासन से मांग की थी. इसी के चलते जिला कलक्टर ने शराब की दुकान बंद कराने के लिए अधिकतम लोगों की राय जानने के लिए 26 फरवरी को चुनाव कराने के आदेश दिए थे. इसको लेकर आज मतदान कराया जा रहा है.

51 फीसदी मतदान से तय होगा ठेका बंद होगा या नहीं?

कांसली ग्राम पंचायत में करीब 3750 की जनसंख्या है, जिनमें 51 प्रतिशत मतदान यह फैसला करेगा कि शराब का ठेका बंद होगा या नहीं. तहसीलदार सौरभ गुर्जर ने बताया चुनाव करवाने के लिये तीन पीठासन अधिकारियों को लगाया गया है. जिसमें कोटपूतली, बहरोड़ और बानसूर के तहसीलदार चुनाव प्रक्रिया करवाने में लगे हुए हैं. चुनाव प्रकिया के लिए तीन बूथ बनाए गए हैं. 

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इनपुट- विक्रांत शर्मा
 

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