मानवेंद्र सिंह के साथ हुए हादसे के टूटी NHAI अधिकारियों की नींद, अब एक्सीडेंट रोकने के लिए उठाए जा रहे ये कदम

Himanshu Sharma

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मानवेंद्र सिंह के साथ हुए हादसे के टूटी NHAI अधिकारियों की नींद, अब एक्सीडेंट रोकने के लिए उठाए जा रहे ये कदम
मानवेंद्र सिंह के साथ हुए हादसे के टूटी NHAI अधिकारियों की नींद, अब एक्सीडेंट रोकने के लिए उठाए जा रहे ये कदम
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Rajasthan: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर बीते दिनों पहले बाड़मेर से पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह की गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ. इस दौरान उनकी पत्नी की मौत हुई व तीन लोग घायल हो गए. इस हादसे के बाद एनएचएआई व पुलिस के अधिकारियों की नींद टूटी है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं. एनएचएआई के अधिकारी हादसे होने के कारणों का पता लग रहे हैं. तो पुलिस की तरफ से ओवर स्पीड वाहन के चालान काटकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. अलवर पुलिस द्वारा करीब 12 हजार से अधिक लोगों के चालान काटे गए हैं.

30 जनवरी को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से जयपुर जाते समय मानवेंद्र सिंह की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया. इस हादसे में उनकी पत्नी चित्रा सिंह की मौत हो गई. जबकि उनके बेटे और ड्राइवर घायल हो गए. बेटे व ड्राइवर को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है. जबकि मानवेंद्र सिंह का अस्पताल में इलाज चल रहा है. इस हादसे के बाद एनएचएआई व पुलिस अधिकारियों के नींद टूटी है. एनएचएआई व पुलिस के अधिकारी अब दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने व हादसों के कारणों की जांच पड़ताल में जुटे हैं.

ढाई किलोमीटर पर बनाई जा रही जेबरा क्रॉसिंग

एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि अभी तक प्रत्येक 5 किलोमीटर की दूरी पर ज़ेबरा क्रॉसिंग की तरह एक्सप्रेस वे पर लाइन बनाई गई है. लेकिन अब दो से ढाई किलोमीटर पर इस तरह की लाइन बनाई जाएंगे. जिससे अगर ड्राइवर को नींद की झपकी भी आ रही है. तो इन पर से गुजरने के बाद अचानक गाड़ी हिले और उनकी नींद टूट जाए. साथ ही एक्सप्रेस वे पर प्लांटेशन की जगह पर अलग तरह के बोर्ड लगाने की योजना बन रही है.अगर कोई गाड़ी एक्सप्रेस से नीचे उतरती है. तो उसकी रफ्तार धीरे हो सके. इसके अलावा एनएचएआई की सुरक्षा टीम हादसे रोकने व हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है.

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पुलिस ने किया अब तक 12 हजार से अधिक चालान

अलवर पुलिस द्वारा अभी तक 12 हजार ओवर स्पीड के चालान काटे गए हैं. पुलिस ने चालान इंटरसेप्टर की मदद से काटे हैं. अलवर पुलिस की दो इंटरसेप्टर गाड़ी एक्सप्रेसवे पर वाहनों की जांच पड़ताल करती है. साथ ही पुलिस की तरफ से एक्सप्रेसवे पर गश्त भी की जाती है. अलवर क्षेत्र में कैमरों की मदद से अभी चालान प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. राजस्थान क्षेत्र में स्पीड की जानकारी नहीं मिल पाती है. इसलिए वाहन चालक मनमानी तरह से एक्सप्रेसवे पर चलते हैं.

अलवर एरिया में हो चुकी है 25 लोगों की मौत

एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि अभी तक ऑन स्पॉट 25 लोगों की एक्सप्रेसवे पर मौत हुई है. जबकि पुलिस के अनुसार एक्सप्रेशन पर हुए हादसों में अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. हादसों में करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ज्यादातर हादसे ओवर स्पीड के कारण हो रहे हैं. इसके अलावा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ अवैध रूप से ट्रक भी खड़े रहते हैं. जिनके चलते भी एक्सीडेंट हो रहे हैं. साथ ही एक्सप्रेसवे पर कुत्ते व अन्य जानवर भी आ जाते हैं. जिसके चलते अचानक गाड़ी का संतुलन बिगड़ा है.

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कैमरे किया जा रहे हैं स्टार्ट

राजस्थान क्षेत्र में कैमरों से चालान नहीं किए जा रहे हैं. यहां स्पीड की जानकारी देने वाले बोर्ड बंद है. कैमरे लगाने का काम अभी चल रहा है. इसलिए राजस्थान क्षेत्र में वाहन चालक मनमानी से गाड़ी चलाते हैं. एक्सप्रेसवे पर डेढ़ लाख से ज्यादा वाहन अभी तक ओवर स्पीड से दौड़ चुके हैं व स्पीड का नियम तोड़ चुके हैं.

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मद्रास आईआईटी कर रही है हादसे की जांच

मानवेंद्र सिंह की गाड़ी का एक्सीडेंट कैसे हुआ. यह बड़ा सवाल बना हुआ है. इसलिए एनएचएआई की तरफ से हादसे की जांच पड़ताल की जिम्मेदारी मद्रास आईआईटी को दी गई है. मद्रास आईआईटी की टीम हादसों की जांच पड़ताल में जुटी है. इसके अलावा एनएचएआई की टीम भी हादसे के कारणों का पता लगाने में लगी है. एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि हादसों की जांच पड़ताल के लिए एक अलग विंग बनी हुई है.

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