लाइब्रेरी खुलवाने को लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी में अनोखा प्रदर्शन, छात्र ने ली सांकेतिक समाधि, जानें वजह

विशाल शर्मा

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Rajasthan News: जयपुर स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन का अजीब रंग देखने को मिल रहा है. यहां यूनिवर्सिटी के कुलसचिव की तानाशाही से तंग आकर हरफूल चौधरी नाम के छात्र ने जमीन में सांकेतिक समाधि ले ली है. डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के आगे कड़ी धूप में भूखे-प्यासे स्टूडेंट के इस अनोखे विरोध के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली बल्कि छात्रों को धमकाने के लिए पुलिस को भेज दिया.

राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में स्टूडेंट हरफूल चौधरी के जमीन में सांकेतिक समाधि लेने के इस अनोखे प्रदर्शन के पीछे की वजह यह है कि सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले साल 18 नवंबर को 12 करोड़ रुपए की लागत से राजस्थान यूनिवर्सिटी में बनी डिजिटल सेन्ट्रल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया था. उन्होंने स्टूडेंट्स को पढ़ने के लिए उचित वातावरण देने का वादा किया लेकिन लाइब्रेरी उद्घाटन के करीब 3 माह बाद भी लाइब्रेरी पर ताले झड़े हुए हैं. वहीं स्टूडेंट्स के एग्जाम नजदीक आते जा रहे हैं लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है. इस बात को लेकर स्टूडेंट्स आक्रोशित हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं.

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सांकेतिक समाधि लेने वाले हरफूल चौधरी ने बताया कि राजस्थान यूनिवर्सिटी के पीजी सेमेस्टर के एग्जाम शुरू हो चुके हैं और साथ ही प्रतियोगी परीक्षाएं भी हो रही हैं लेकिन लाइब्रेरी पर ताले लगे हुए है. इसको लेकर यूनिवर्सिटी में गांधीवादी प्रदर्शन किया तो कुलसचिव द्वारा छात्रों पर थाने में राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवा दिया गया. ऐसे में न्याय की मूर्ति के आगे सांकेतिक समाधि लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करीब 3 माह पहले 12 करोड़ रुपए की लागत से बनी डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया था. दावा किया गया था कि ये प्रदेश की पहली डिजिटल लाइब्रेरी है. उसके बाद स्टूडेंट्स आस लगाकर बैठे थे कि लाइब्रेरी में पढ़ाई कर अपने भविष्य को उज्जवल करेंगे. लेकिन आज वहां ताले झड़े हुए और टेबल-कुर्सियों सहित अन्य सामान धूल फांक रहे हैं. इसकी वजह से स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी के बाहर 1000-1500 रुपए देकर दूसरी लाइब्रेरी में पढ़ाई करने पर मजबूर हैं. ऐसे में छात्र-छात्राएं हताश हैं और उनके हक की आवाज बुलंद करने के लिए हरफूल चौधरी सांकेतिक समाधि लेने पर मजबूर हुए हैं.

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