Kota: दलाल के साथ मिलकर मां-बेटे बेच रहे थे लड़कियां, फिर बाल कल्याण समिति ने किया ये बड़ा खुलासा

राजस्थान तक

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कोटा पुलिस ने पिछले दिनों नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त के मामले में गिरफ्तारी की थी.

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kota crime: पिछले दिनों उद्योग नगर पुलिस ने नाबालिक बालिकाओं की खरीद फरोख्त (trafficking of minor girls) के मामले में गिरफ्तारी की थी. इसका खुलासा करते हुए बाल कल्याण समिति ने बताया कि गिरोह कोटा में मासूम बालिकाओं को झारखंड, बिहार, यूपी से लाता है. इस गिरोह को मां-बेटा मिलकर चला रहे थे. वे मासूम बालिकाओं को अपने जाल में फंसा कर लाते हैं और यहां लाखों में बेचते हैं. इस मामले में पुलिस ने अब तक दो महिला सहित तीन जनों को गिरफ्तार किया है.

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़, सदस्य हरप्रीत कौर, ऋषभ जैन व बाबूलाल ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को बताया कि उन्हें शक है, कि उद्योग नगर क्षेत्र में प्रेम नगर अफॉर्डेबल योजना के एक प्लेट में यूपी, बिहार झारखंड से 20 से 30 हजार मैं नाबालिग बालिकाओं को लाया जा रहा है. फिर उन्हें यहां दो से 5 लाख में बेचा जा रहा है.

 

 

मां-बेटा मिलकर चला रहे हैं धंधा

बाल कल्याण समिति ने बताया कि धंधे को मां बेटा मिलकर चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि 24 मई को उद्योग नगर पुलिस ने नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त के आरोप में दो महिलाओं सहित तीन को गिरफ्तार किया था. कोटा में नाबालिग बालिकाओं की खरीद फरोख्त करने का एक गिरोह सक्रिय है. 7 मई को बाल कल्याण अधिकारी एवं एएसआई रणधीर सिंह ने प्रेम नगर से दो बालिकाओं को दस्तयाब किया था.

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