भजनलाल सरकार ने जारी किए आदेश तो अशोक गहलोत भड़क गए! पूर्व सीएम ने लगाया राजनीतिक मंशा से काम करने का आरोप

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राजस्थान सरकार के एक फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा पर जुबानी हमला बोला है. उन्होंने इस सरकार पर राजनीतिक मंशा से काम करने का आरोप लगाया है. साथ ही यहां तक कह दिया कि गहलोत ने जनता के हितों को ताक पर रख दिया. दरअसल, यह पूरा मामला राजस्थान में नए जिलों के गठन से जुड़ा है. जिसे अब राजस्थान (Rajasthan News) सरकार रिव्यू करने जा रही है. भजनलाल सरकार (Bhajanlal Govt) ने मंत्रिमंडलीय उप-समिति बनाकर जिलों का रिव्यू करने का फैसला किया है.

इसे लेकर ही पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि अब यह देखना होगा कि यह समिति राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों एवं विकास के हित को देखकर फैसला लेगी या फिर राजनीतिक कारणों से पिछली सरकार के फैसले को गलत साबित करने की मंशा से कार्य करते हुए राजस्थान की जनता के हितों को ताक पर रखेगी.

ये है गहलोत की प्रतिक्रिया

गहलोत ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने राजस्थान में नए जिले रिटायर्ड IAS श्री रामलुभाया की समिति की रिपोर्ट के आधार पर बनाए. राजस्थान में नए जिलों की सख्त आवश्यकता थी. क्षेत्रफल में राजस्थान से छोटे मध्य प्रदेश में 55 जिले हैं. छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य में भी 33 जिले हैं. हमारी सरकार ने प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने एवं सर्विस डिलीवरी को बेहतर करने के लिए नए जिले बनाए और वहां कलेक्टर, एसपी एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को तैनात किया.

क्या है आदेश, जिसे लेकर मचा बवाल?

बता दें कि राजस्थान (Rajasthan) सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 23 मई 2023 को गठित 17 जिलों और तीन संभागों के प्रशासनिक दृष्टिगत क्षेत्राधिकार, सुचारू संचालन, प्रशासनिक आवश्यकता, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता आदि के संबंध में मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की जाती है. इस आदेश के तहत नवगठित तीन संभाग और 17 जिलों की समीक्षा की जाएगी. समीक्षा के लिए डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के संयोजन में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित कर दी गई है. यह कमेटी इन संभागों और जिलों के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार, संचालन, प्रशासनिक आवश्यकता व वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा करेगी. 

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