बाड़मेर में भाटी के इस कदम से मच गई हलचल! पिछले 24 घंटों से धरने पर बैठे निर्दलीय विधायक

Dinesh Bohra

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राजस्थान में बाड़मेर के जिला कारागृह में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. पिछले 28 घंटों से मृतक जयसिंह के परिजनों और समाज के लोग धरने पर बैठे हैं और जेल प्रबंधन के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं. यह मामला शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) की एंट्री से और भी गरमा गया है. इस मामले में कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर भाटी धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि जयसिंह की मृत्यु में जेल प्रशासन की घोर लापरवाही रही है. अगर कोई कैदी बीमार है तो उसके इलाज की जिम्मेदारी जेल प्रशासन की होती है.

राजस्थान तक से खास बातचीत में भाटी ने कहा कि जेल प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारियों से आंखें मूंद रखी थी और जयसिंह का इलाज नहीं करवाया. यही वजह है कि जयसिंह ने जेल में ही इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. ये धरना मानवीय मूल्यों के लिए दिया जा रहा है. अगर प्रशासन ने समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो हम महापड़ाव डालेंगे और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

भाटी का आरोप है कि जेल की कैपेसिटी करीब 150 बंदियों की हैं. बावजूद प्रशासन ने 250 से अधिक कैदी जेल में ठूस कर भर रखें हैं. मानव मूल्यों की कोई बात नहीं करता. यह प्रशासन की घोर अनदेखी और लापरवाही ही है. जेल में कैदी बीमार भी है, उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है. साथ ही उन्होंने अन्य कैदियों का भी स्वास्थ्य परीक्षण करवाए जाने की भी मांग की.

क्या है पूरा मामला?

बता दें जिले के चौहटन कस्बे के सनाऊ गांव के निवासी जयसिंह और रतनसिंह पिछले साल जून- जुलाई माह से जमीनी विवाद में हत्या के आरोप में जेल में बंद थे. कुछ दिन पहले ही जयसिंह को जेल में चिकन पॉक्स (चेचक) की बीमारी हो गई. आरोप है कि इलाज ना मिलने की वजह से जयसिंह की जेल में ही एक दिन पहले मौत हो गई.

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