कांग्रेस से निष्कासित नेता ने बताई रविंद्र सिंह भाटी के हारने की वजह, बोले- 'वह अकेले 6 लाख वोट लाया'

Dinesh Bohra

ADVERTISEMENT

Rajasthantak
social share
google news

Why Ravindra Singh Bhati lost election: देश में लोकसभा चुनाव खत्म हो गए हैं लेकिन राजस्थान की बाड़मेर-जैसलमेर सीट (barmer-jaisalmer seat) से हारने वाले रविंद्र सिंह भाटी लगातार बयानबाजी के चलते चर्चा में बने हुए हैं. अब कांग्रेस से निष्कासित दिग्गज नेता अमीन खान ने एक इंटरव्यू में रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) की हार को भी जीत बताया है. उन्होंने पार्टी से अपने निष्कासन को लेकर भी कांग्रेस (Congress) पर सवाल खड़े किए हैं.

रविंद्र भाटी के लोकसभा चुनाव हारने पर अमीन खान (Ameen Khan) ने कहा कि "रविंद्र को ज्यादा वोट नहीं मिले. हार गांव घूमते, लोगों से हाथा जोड़ी करते और लोगों को समझाते तो वह जीत भी जाते."

 

 

"रविंद्र भाटी अकेले 6 लाख वोट लाया है"

अमीन खान ने रविंद्र सिंह भाटी की तारीफ करते हुए कहा कि "उसके साथ कोई नहीं था. एक अकेला लड़का लोकसभा जैसे बड़े चुनाव में अगर 6 लाख वोट लाया है तो मैं इसे उसकी जीत मानता हूं. मैं तो 20 दिन चुनावों के वक्त बाहर था. हां, वो अच्छा लड़का है. पढ़ा लिखा है और साधारण परिवार से है, कोई पूंजीपतियों का नहीं है."

जिलाध्यक्ष के कारण हारा विधानसभा चुनाव

विधानसभा चुनाव हारने के सवाल पर अमीन खान ने कहा कि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष (फतेह खान) ने निर्दलीय चुनाव लड़ा. इसलिए ही मैं चुनाव हारा वरना, 20 हजार से जीतता. कांग्रेस से निष्कासन के सवाल पर अमीन खान ने कहा कि मैं निष्कासन को जातिवाद और पक्षपात की नजर से देखता हूं. मैं निष्कासन से खुश हूं लेकिन, जिस व्यक्ति ने 3 सीटों का नुकसान किया है उसे वापस एक महीने में बहाल करना, मैं इसे पक्षपात समझता हूं. वो खुश हुए हैं समझते हैं कि हमारी सिफारिश के लिए गरज करेंगे. लेकिन, मुझे कुछ नहीं करना.

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें...

निष्कासन के बाद किसी कांग्रेस नेता से कोई बात हुई, इसके सवाल के जवाब में अमीन खान ने कहा कि "ना किसी से बात हुई है और ना ही करना चाहता हूं. हां, अशोक गहलोत जी से मिलना चाहता था लेकिन, वो अभी बेड रेस्ट पर है. इसलिए उनसे कोई बात नहीं हुई."

कांग्रेस में अब नेताओं के नाम पर वोट नहीं मिलते

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर अमीन खान ने कहा कि वो अकेला आदमी क्या कर लेगा, यह बड़ा मुश्किल काम है. अमीन खान ने कहा कि इंदिरा गांधी के जमाने की कांग्रेस और आज के जमाने की कांग्रेस में जमीन आसमान का अंतर है. इंदिरा गांधी के समय कोई नेता उनके नाम से वोट मांगने जाता था तो वह जीत जाता था. लेकिन, आज आप किसी नेता के नाम से वोट मांगने जाओगे तो आपको कोई वोट नहीं देगा.

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें: रविंद्र सिंह भाटी की हार के बाद उन्हें किस BJP के नेता ने फोन किया? 

ADVERTISEMENT

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT