ताजमहल की जमीन पर दावा करने वाली दीया ने विद्याधर नगर से भरा नामांकन, जानें क्यों हैं चर्चा में

Omprakash Sharma

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ताजमहल की जमीन पर दावा करने वाली दीया ने विद्याधर नगर से भरा नामांकन, जानें क्यों हैं चर्चा में
ताजमहल की जमीन पर दावा करने वाली दीया ने विद्याधर नगर से भरा नामांकन, जानें क्यों हैं चर्चा में
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Diya Kumari filed nomination from Vidyadhar Nagar: राजसमंद से बीजेपी सांसद दीया कुमारी (Diya Kumari) ने बुधवार को जयपुर की विद्याधर नगर सीट से नामांकन दाखिल कर दिया. इस दौरान उनकी नामांकन रैली में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे. जब से बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट जारी की है तब से विद्याधर नगर हॉट सीट बन गई है क्योंकि इस सीट पर पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के दामाद नरपतसिंह राजवी (Narpat Singh Rajvi) को टिकट नहीं मिलने से काफी ज्यादा विरोध देखने को मिला था.

गौरतलब है कि विद्याधरनगर सीट बीजेपी की सबसे सेफ सीटों में से एक है. यहां से दीया कुमारी को उम्मीदवार बनाने के पीछे महज राजपूत फैक्टर ही नहीं है. बल्कि माना तो यह भी माना जा रहा है कि बीजेपी वसुंधरा राजे के रिप्लेसमेंट के तौर पर एक नया राजपूत चेहरा खड़ा करने की कोशिश कर रही है. इसलिए एक सेफ सीट से दीया कुमारी को चुनावी मैदान में उतारकर पार्टी ने बड़ा दांव खेला है. 

लंदन से की है पढ़ाई

30 जनवरी 1971 को जन्मी दीया कुमारी जयपुर के पूर्व राजघराने से है. वह पूर्व महाराजा व होटल व्यवसायी ब्रिगेडियर भवानी सिंह और पद्मिनी देवी की बेटी हैं. कुमारी ने मॉडर्न स्कूल (नई दिल्ली), जीडी सोमानी मेमोरियल स्कूल (मुंबई) और महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल (जयपुर) से पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने लंदन जाकर डेकोरेटिव आर्ट्स का कोर्स किया.

2013 में जॉइन की भारतीय जनता पार्टी

दीया कुमारी का राजनीतिक सफर बेहद ही शानदार रहा है. उन्होंने साल 2013 में बीजेपी जॉइन करने के बाद उसी साल सवाई माधोपुर से विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बनीं. इसके बाद वह 2019 में राजसमंद सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ी और सांसद बनीं. वर्तमान में दीया कुमारी राजस्थान बीजेपी में महिला मोर्चे की प्रदेश प्रभारी हैं. राजनीति के अलावा वह अपना खुद का एनजीओ भी चलाती हैं. इसके साथ ही स्कूल और होटल व्यवसाय में भी उनकी खास रुचि है. अपनी खूबसूरती और राजनीतिक सूझबूझ के लिए पहचानी जाने वाली दीया फिलहाल राजस्थान की राजनीति में काफी सक्रिय है.

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प्रेम, शादी और तलाक के चलते रही चर्चा में

ऐसा माना जाता है कि राजघरानों से जुड़े लोग अपने समकक्षों में ही शादी करते हैं. लेकिन दीया कुमारी ने इस बात को गलत साबित कर दिया. उन्होंने राजपरिवार से बाहर के व्यक्ति नरेंद्र सिंह प्यार किया और 1994 में शादी कर ली. ये शादी उस समय काफी विवादों में रही. विवाद की वजह थी कि दीया और नरेंद्र सिंह दोनों एक ही गौत्र के थे. इसके चलते राजा भवानी सिंह को राजपूत महासभा के अध्यक्ष का पद भी छोड़ना पड़ा. हालांकि शादी के 21 साल बाद यह रिश्ता तलाक पर जाकर खत्म हुआ. दीया व नरेंद्र सिंह के दो बेटे पद्मनाभ सिंह व लक्ष्यराज सिंह और बेटी गौरवी है.

जयपुर राजपरिवार का महल था ताजमहल: दीया

दीया कुमारी अक्सर कॉन्ट्रोवर्सी में भी रहती हैं. साल 2019 में दीया कुमारी ने दावा किया था कि उनका परिवार भगवान राम का वंशज है. उन्होंने यह भी कहा था उनके पिता कुश के 309वें वंशज थे. यही नहीं, वह सुप्रीम कोर्ट में अपने परिवार के वंश का सबूत देने को भी तैयार थीं. इसके अलावा उनके उस बयान ने भी सनसनी पैदा कर दी थी जब उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की जमीन पर मिल्कियत का दावा किया. साल 2022 में उन्होने कहा था कि ताजमहल जयपुर के पूर्व राजपरिवार का एक महल था जिस पर शहाजहां ने कब्जा कर लिया था. दीया ने यह भी बताया कि उस वक्त मुगलों की सरकार थी इसलिए राजपरिवार ज्यादा विरोध नहीं कर सका. उन्होंने सबूत के तौर पर अपने पास इसके कागजात होने का भी दावा किया था.

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इस वजह से अक्सर चर्चा में रहती हैं दीया कुमारी

जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य दीया कुमारी राजपूत होने के साथ-साथ युवा और स्मार्ट भी हैं. उन्होंने लंदन से ग्रेजुएट किया है और राजस्थान की राजनीति में उनकी एक खास पहचान है. वर्तमान में वह राजसमंद सीट से लोकसभा की सांसद हैं और विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें विद्याधरनगर सीट से टिकट मिला है. अब चर्चाएं हैं कि अगर बीजेपी जीतती है तो उन्हें पार्टी सीएम बना सकती है. हालांकि उन्होंने खुद ऐसी सभी चर्चाओं को महज अटकलें करार दिया है.

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