रविंद्रसिंह भाटी के क्षेत्र में देर रात वोटिंग, रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई दोनों प्रमुख पार्टियों की चिंताएं!

Dinesh Bohra

ADVERTISEMENT

Rajasthantak
social share
google news

Rajasthan election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव में हॉट सीट बनी बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा में बढ़े वोट प्रतिशत ने प्रमुख पार्टियों के चुनावी समीकरण को बिगाड़ दिया है. 25 नवंबर को देर रात करीब 10 बजे तक शिव विधानसभा के अलग-अलग मतदान केंद्रों पर वोटिंग चलती रही और युवाओं के बढ़ते वोटबैंक से बीजेपी-कांग्रेस और आरएलपी में खलबली मच गई है. क्योंकि यहां युवा के चर्चित चेहरे रविंद्रसिंह भाटी ने जिस तरह से अपनी फिल्डिंग सजाई, हर किसी के मुंह पर सिर्फ भाटी का ही नाम था. मतदाताओं का रुझान बीजेपी के बागी रविन्द्रसिंह भाटी और कांग्रेस से बागी फतेह खान पर रहा, ऐसा माना जा रहा है.

बता दें कि शिव विधानसभा सीट पर कांग्रेस के अमीन खान, बीजेपी के स्वरूपसिंह खारा और आरएलपी के जालमसिंह रावलोत समेत कई प्रत्याशी मैदान में थे. दूसरी तरफ रविंद्रसिंह भाटी ने बीजेपी से बागी होकर निर्दलीय ताल ठोक दी थी तो कांग्रेस से बागी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेह खान भी चुनावी मैदान में उतर गए थे. दोनों प्रत्याशियों ने दमखम के साथ प्रचार में उतर गए.

वैसे तो पांचों प्रत्याशी मजबूत प्रत्याशी है और हर कोई अपने लिए भीड़ जुटाने में कामयाब भी रहा. लेकिन, इस सीट की चर्चा करते हुए ज्यादातर लोग दोनों निर्दलीय के बीच ही चुनाव को देखते आए. ऐसे में लोगों का अनुमान है कि दोनों निर्दलीयों के बीच इस बार चुनावी टक्कर रही है. बीजेपी-कांग्रेस और आरएलपी के मुकाबले निर्दलीय मजबूत रहे.

बीजेपी -कांग्रेस के मूल वोटबैंक में सेंधमारी

शिव विधानसभा सीट में 83.28 % वोटिंग हुई है. अमूमन इस विधानसभा सीट पर इस तरह का वोटिंग प्रतिशत नहीं देखने को मिलता है. क्योंकि यहां दूर -दूर गांव की ढाणियों में बसे लोग और विशेषकर महिलाएं वोट नहीं डाल जाते. लेकिन, इस बार महिलाओं ने बढ़ -चढ़कर मतदान किया. यही कारण है कि वोटिंग का आंकड़ा 80 प्रतिशत के पार पहुंच गया. दूसरी तरफ दोनों निर्दलीय प्रत्याशी बीजेपी -कांग्रेस के सेंधमारी में कामयाब भी रहे हैं. ऐसे में शिव विधानसभा में किसका पलड़ा भारी रहा? इसका फैसला मतगणना के दिन ही होगा.

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें...

यह भी पढ़ें: बागियों ने बीजेपी-कांग्रेस की बढ़ाई टेंशन! कहीं बगावत ना पड़ जाए भारी

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT