गहलोत को कई बार दिल्ली से आया बुलावा, लेकिन नहीं पहुंचे सीएम? कांग्रेस के भीतर कैसे हल होगा मामला?

शरत कुमार

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Desion Pending in Congress: कांग्रेस पार्टी अब हर राज्य में अपने मामले को सुलझा रही है. मगर राजस्थान की समस्या का अंत हो ही नहीं पा रहा है. ऐसे में संभावना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच आलाकमान कोई रास्ता निकाल लेगा. इस बार कहा जा रहा था कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों दिग्गजों को बैठाकर फैसला कर देंगे. लेकिन इस बीच खबर आई कि गहलोत चोटिल हो गए और डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी है.

ऐसे में राजस्थान कांग्रेस का मसला बंद गली का आखिरी मकान बन चुका है. जहां से कोई रास्ता आगे जा ही नहीं पा रहा है. अब 6 जुलाई को आलाकमान राजस्थान को लेकर कोई फैसला ले सकता है.

वहीं, राहुल गांधी विदेश यात्रा पर जाने से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिन पायलट के साथ बैठे थे. कहा गया कि दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव खत्म हो गया. राहुल गांधी विदेश से लौटे तो गहलोत को दिल्ली बुलाया गया, लेकिन सांचौर मैं उनकी तबियत खराब हो गई. जिसके चलते दिल्ली का दौरा रद्द हो गया. फिर 27 जून को अचानक से कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को दिल्ली बुलाया गया.

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पहले भी दिल्ली दौरा हो चुका है रद्द
इन सबके बीच चित्तौड़ में सभा के दौरान सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने मंच पर घोषणा की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सभी कार्यक्रम रद्द किए जाते हैं. क्योंकि वह दिल्ली जा रहे हैं. वहाँ पर उन्हें बुलाया गया है, लेकिन गहलोत दिल्ली नहीं गए और जयपुर लौट आए. हालांकि अगले 2 दिनों की रैलियां रद्द हो गई. अब फिर जब 3 जुलाई को मीटिंग में जाना था तो दोनों ही पैरों के अंगूठे में चोट आई. यह महज संयोग है कि मुख्यमंत्री चोटिल हो जाते हैं और बीमार हो जाते हैं. जिसकी वजह से सचिन पायलट को लेकर कोई फैसला हो नहीं पा रहा है.

आज एक बार फिर से राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर रंधावा और राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा दिल्ली हैं. जहां पर उनकी मुलाकात कांग्रेस के संगठन महाचिव केसी वेणुगोपाल से होनी है. इस बीच कांग्रेस के विधायक और नेता दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. इस उम्मीद में हैं कि कांग्रेस आलाकमान राजस्थान को लेकर कोई बड़ा फैसला कर सकता है.

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पायलट की एक मांग पूरी!
चर्चा गहलोत के ट्वीट को लेकर भी है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के भीतर बदलाव को लेकर मुख्य सचिव विचार विमर्श करेंगे. नकल माफ़िया के खिलाफ उम्र कैद का कानून राजस्थान विधानसभा में पेश किया जाएगा. सुगबुगाहट यही है कि पायलट की कम से कम एक मांग पूरी हो गई है, लेकिन मगर वसुंधरा राजे सरकार के दौरान कथित भ्रष्टाचार के मामले को लेकर मांग अभी अधूरी है.

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