रात होते ही भूतिया किले में तब्दील हो जाता है यह फोर्ट! सूर्यास्त के बाद बंद है एंट्री 

राजस्थान अपने ऐतिहासिक धरोहर और रीति-रिवाजों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है.

Credit: Rajasthan Tak

प्रदेश में ऐतिहासिक किले, मंदिर-मजारों और गगनचुम्बी महलों की अजब -गजब किस्सें और कहानियां भी प्रसिद्ध हैं.

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ऐसा ही कहानी  राजस्थान  के भानगढ़ किला का है. कहते हैं कि यहां से चिल्लाने, रोने, चूड़ियां  खनकने  की आवाजें आती हैं और कई तरह की परछाइयां दिखाई देती हैं.

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भानगढ़ का किला राजस्थान के अलवर जिले में हैं, जो सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान के पास अरावली की पहाड़ियों में स्थित है.

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इसे भूतिया किला कहा जाता जाता है. इस किले पर फिल्में भी बनी हुई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह किला  शापित है.

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खास बात ये हैं कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को रात के वक्त किले में एंट्री से मनाही रखी है. यहां आप दिन में ही जा सकते हैं.

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यहां कि खास बात यह है कि यहां के घरों में छत नहीं हैं. ऐसी मान्यता है कि इस जगह को एक ऋषि ने श्राप दिया था.

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लोगों का यह कहना है कि अगर आप यहां के घरों की दीवारों के पास अपने कान लगाएंगे, तो आपको अजीब आवाज सुनाई देंगी.

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कहा जाता है कि जिस धरती पर भानगढ़ किला खड़ा है, वह गुरू बालूनाथ नामक शक्तिशाली तपस्वी का था.

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किले का निर्माण शुरू करने से पहले माधो सिंह ने तपस्वी की आज्ञा ली थी. उन्होंने एक शर्त के साथ अनुमति दी थी.

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शर्त यह थी कि किले की छाया कभी भी तपस्वी के घर पर न पड़े वरना बड़ी दुघर्टना हो सकती है. लेकिन राजा के उत्तराधिकारी अजब सिंह ने इस शर्त की अनदेखी की.  

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भानगढ़ क्षेत्र को क्ष्राप दे  दिया. जिससे भानगढ़ क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गया.  

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