कछुए से 80 लाख की कमाई के चक्कर में गंवाए 8 लाख रुपए, ठग गिरफ्तार

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फोटो: राजस्थान तक
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Tonk News: टोंक जिले में मालपुरा निवासी एक व्यक्ति को कछुआ गैंग द्वारा लाखों रूपये की कमाई का ख्वाब दिखा उससे 8 लाख रुपए ठगे जाने का मामला सामने आया है. पीड़ित व्यक्ति ने 23 नवंबर को हुई इस वारदात की रिपोर्ट शुक्रवार को मालपुरा थाने में दी है. शिकायत के बाद पुलिस ने कछुआ गैंग के सरगना सूरज मोग्या को गिरफ्तार कर लिया है. मालपुरा में परचून की दुकान चलाने वाले पीड़ित रमेश विजयवर्गीय ने पुलिस को बताया कि उसका नियमित ग्राहक सूरज मोग्या एक दिन एक महिला को लेकर दुकान पर आया और बातों ही बातों में कछुआ को शुभ बताते हुए खरीदने की इच्छा जताई.

एसएचओ ने बताया कि महिला के झांसे में आने के बाद सूरज मोग्या पीड़ित व्यक्ति के साथ झाड़ली गांव गया और वहां से 7 हजार रुपए में कछुआ खरीदा. साथ ही उसकी फोटो कछुआ खरीद की इच्छा जताने वाली महिला को व्हाट्सएप पर शेयर कर दी.

पीड़ित ने बताया कि दूसरे ही दिन खरीददार महिला उसके पास आ गयी व कछुए को बेहद दुर्लभ व मादा बताते हुए, उसके पांच लाख रूपये की कीमत लगा दी. साथ ही यह भी कहा कि अगर नर मादा का जोड़ा मिल जाये तो वे 75-80 लाख रुपए में बिक जाता है. ऐसे में उन्हें नर कछुआ चाहिये. कछुआ खरीदने वाली महिला व सूरज मोग्या के झांसे में आया पीड़ित रमेश विजयवर्गीय दूसरे दिन सूरज के साथ वापिस झाड़ली गांव पहुंचा व वहां से एक नर कछुआ 8 लाख रूपये में खरीद लाया.

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पीड़ित द्वारा पुलिस को बताया गया कि सूचना दिये जाने पर कछुआ खरीददार महिला दूसरे ही दिन उनके पास आयी लेकिन नर कछुए को मृत बता खरीदने से इंकार कर दिया. थानाधिकारी भूराराम खिलेरी ने बताया कि पीड़ित ने जब सूरज मोग्या से कछुआ बेचने वाली महिला से 8 लाख रुपए वापिस दिलाने के लिये कहा तो दोनों में विवाद हो गया.

खिलेरी के अनुसार जब रमेश विजयवर्गीय को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ तो उसने दो दिन पहले थाने में अपना प्रकरण दर्ज कराया. जिस पर पुलिस ने कछुआ गैंग के सरगना सूरज मोग्या को जो कि अजमेरी की ढाणी का निवासी है. उसे गिरफ्तार कर लिया है.

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थानाधिकारी ने बताया की ये पूरी गैंग है, जिसने पूरे सुनियोजित तरीके से पहले ठगी का जाल बुना और फिर पीड़ित को उसमें फंसा उससे 8 लाख रुपए ठग लिए. पुलिस के अनुसार इस गैंग में महिला-पुरूष दोनों शामिल हैं, जिनकी जानकारी मिलने पर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस कछुआ गैंग के गिरफ्तार सरगना सूरज से यह भी पता करने में जुट गयी है कि इन्होंने इस तरह की कितनी और वारदातें की हैं.

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आपको बता दें ठगी की वारदात में प्रयुक्त कछुआ जलस्रोतों में मिलने वाला बेहद सामान्य प्रजाति का फ्लैपशेल टर्टल है और कई खानाबदोश जाति के लोग इसका इस्तेमाल भोजन के रूप में करते है. वन्य जीव अधिनियम के तहत भी इसके शिकार, तस्करी व खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह से पाबंदी है और ऐसा करने वालों पर सजा का भी प्रावधान रखा गया है.

कंटेंट: मनोज तिवारी

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