दौसा: सवासा गांव में जोशीमठ जैसे हुए हालात, दिवारों-छतों में आई दरारें, डर के साए में रह रहे ग्रामीण!

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Dausa news: उत्तराखंड के जोशीमठ की तबाही की तस्वीरें आपने देखी होगी. मकानों में दरार आने से हजारों परिवार घर छोड़ रहे हैं. जिससे जोशीमठ में रहने वाले लोगों की पीड़ा सामने आई. ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं दौसा जिले के लालसोट के सवासा गांव में, यहां भी जोशीमठ जैसे हालात होते हुए दिखाई दे रहे हैं. क्योंकि यहां अवैध खनन से होने वाली ब्लास्टिंग से कई घरों में दरारें आ गई हैं. जिससे कभी बड़ा हादसा हो सकता है.

यहां के ग्रामीण पिछले 24 घंटे से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं. जब राजस्थान तक की टीम सवासा पहुंची तो तस्वीरें देखकर दंग रह गई. क्योंकि गांव के मकान की हालात ऐसे हैं जैसे कि यहां के मकान कभी भी जमीन में समा जाए. इन मकानों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं और घरों की छतों में भी दरारें आ गई हैं.

अब दीवारों में आई दरारों की वजह बताते हैं, सवासा गांव बिल्कुल पहाड़ी से सटा हुआ है. पहाड़ी में खनन कार्य होता है. ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ी में हो रहा खनन अवैध है, खनन के दौरान पहाड़ी में ब्लास्ट किए जाते हैं. ब्लास्टिंग होने से पत्थर उछलकर सवासा गांव में आकर गिरते हैं. जिससे मकानों की छतों और दीवारों में दरारें आ गई हैं. ग्रामीणों की मानें तो खनन माफिया किसी भी समय ब्लास्ट कर देते हैं, जिससे कई बार उनके आसपास पत्थर भी गिर जाते हैं. कई बार तो उनके सिर के पास से पत्थर निकल कर गिरता है. ग्रामीणों ने कहा कि अवैध खनन की वजह से जीना दुश्वार हो गया है.

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भले ही जोशी मठ में हालात प्राकृतिक बताए जा रहे हैं लेकिन दौसा जिले के लालसोट के सवासा में प्राकृतिक नहीं बल्कि खनन माफिया की वजह से है. यहां के लोगों का जीवन खतरे में है. ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को अवगत करा दिया. फिर भी उनकी नहीं सुनवाई नहीं हुई. उसके बाद सवासा गांव के लोग धरने पर बैठ गए हैं.

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