जाट आरक्षण आंदोलन में कुछ बड़ा होना वाला है! राजस्थान में थम जाएंगे बस और ट्रेन के पहिए?

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Jat reservation movement: राजस्थान (rajasthan news) में भरतपुर-धौलपुर के जाटों की मांग को लेकर आरक्षण आंदोलन (Jat reservation movement) 8 दिन से जारी है. आंदोलनकारियों को सरकार का न्यौता आया तो आरक्षण संघर्ष समिति की 11 सदस्य टीम जयपुर पहुंचे थे. लेकिन मुख्यमंत्री ने वार्ता के लिए समय नहीं दिया, इसलिए कमेटी वापस धरना स्थल पर पहुंच चुकी है. महापड़ाव स्थल पर जाट समाज के लोग इकठ्ठे होते जा रहे हैं, जहां जाट समाज आंदोलन के अगले कदम का ऐलान करेगी. इधर, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह ने जाट समाज के लोगों से अपील की है कि समाज के हर गांव के लोग अलर्ट मोड पर रहे और उनके इलाकों से जो भी सड़क मार्ग और रेल मार्ग गुजरते हैं, वहां एकत्रित रहे. क्योंकि कभी भी संघर्ष समिति अपील जारी कर सकती हैं.

उन्होंने कहा कि हम 8 दिन से शांतिपूर्ण तरीके से धरना पर बैठे हुए हैं और सरकार ने हमें निमंत्रण देकर जयपुर में वार्ता के लिए बुलाया. लेकिन मुख्यमंत्री के पास हमसे वार्ता के लिए समय नहीं है. ऐसा लगता है कि सरकार गांधीवादी तरीका को नहीं समझती है. समाज आज ही अगला कदम क्या होगा, उसका फैसला आज ही होगा.

नेम सिंह ने सरकार को चेताने के साथ ही भरतपुर और धौलपुर जिलों के सभी जाटों के लोगों को अपील की है कि वह अलर्ट मोड पर रहे क्योंकि कभी भी आंदोलन का बिगुल बज सकता है. गौरतलब है की दोनों जिलों के जाट केंद्र की ओबीसी में आरक्षण की मांग 9 वर्षों से कर रहे है और उसके लिए आठ दिनों से गांव जयचोली में महापड़ाव जारी है.  सरकार ने जाट कमिटी को वार्ता के लिए जयपुर बुलाया था, लेकिन वहां मुख्यमंत्री नहीं मिले.

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