गारंटी से जॉब दिलाने के नाम बच्चों से लूटे 1.5 लाख, राजस्थान पुलिस के ASP और उनकी पत्नी पर केस दर्ज

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फोटो: राजस्थान तक
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Jodhpur News: जोधपुर में राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र चौधरी और उनकी पत्नी के खिलाफ रातानाडा पुलिस थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है. जोधपुर पुलिस उपायुक्त डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि रातानाडा इलाके में ‘अर्जुन क्लासेज’ कोचिंग चलाई जाती है. कोचिंग के 30 से 40 विद्यार्थी शिकायत लेकर आए थे. उनका आरोप था कि जब अर्जुन क्लासेज में कोचिंग शुरू की तब एक शपथ पत्र दिया गया था. अगर आपका सिलेक्शन नहीं होता है तो जो डेढ़ लाख रुपए आप जमा करवा रहे हो वह आपको वापस दिए जाएंगे. और अगर आपका सिलेक्शन हो जाता है तो यह पैसे फीस के रूप में रख लिए जाएंगे. छात्रों ने आरोप लगाया कि नरेंद्र चौधरी ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए हमें पैसे नहीं लौटने की धमकी भी दी.

इसी भरोसे पर सभी बेरोजगार विद्यार्थियों ने अर्जुन क्लासेज के गारंटी बेच में प्रवेश लिया था. इसके बाद जब उनका सिलेक्शन नहीं हुआ तो पैसे वापस मांगे गए तो उन्हें पैसे नहीं लौटाए गए और जिन लोगों को चेक दिए गए. वह बाउंस हो गए.

स्टूडेंट्स का कहना है कि हमारे साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई. हमने रातानाडा थाने में मामला दर्ज करवा दिया है. परिवादी गोविंद सिंह की रिपोर्ट पर धारा 420, 406 में एएसपी नरेंद्र सिंह चौधरी और उनकी पत्नी सीमा चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. फिलहाल नरेंद्र सिंह चौधरी जालौर में तैनात है.

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जोधपुर पहुंचे एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी के सामने बड़ी संख्या में कोचिंग में पढ़ने वाले अभ्यर्थियों ने अपनी समस्याएं रखी थी. फिर जोधपुर पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ के निर्देशन पर रातानाडा थाने में एएसपी नरेंद्र चौधरी व उसकी पत्नी सीमा चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया. छात्रों ने बताया कि 2018 से 2022 के बीच कोचिंग सेंटर में प्रवेश लिया था. पीड़ित छात्रों ने रातानाडा पुलिस में 41 स्टूडेंट्स की लिस्ट सौंपी है, जिनमें प्रत्येक छात्र से डेढ़ लाख रुपए लिए गए थे.

2012- 13 में जोधपुर में अर्जुन क्लासेज खोली गई थी, जिसमें सब इंस्पेक्टर भर्ती में गारंटी से पास करवा कर नौकरी दिलाने का दावा किया गया था. गारंटी के नाम पर स्टूडेंट से लाखों रुपए की फीस जमा करवा ली गई लेकिन 2016 में जब सब इंस्पेक्टर की भर्ती निकली और 2018 में रिजल्ट आया तो स्टूडेंट के सिलेक्शन नहीं हुए.

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पीड़ित छात्र गोविंद सिंह रत्नु ने बताया कि 2016 में अर्जुन क्लासेस में प्रवेश लिया था. 2018 के बाद से हम लगातार चक्कर काट रहे हैं और हमें हर बार बहाने बनाकर वापस भेज दिया जाता है. जोधपुर पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रातानाडा थाने में मामला दर्ज किया गया और इस मामले की जांच अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निशांत भारद्वाज कर रहे हैं।

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