आरटीआई एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल: वेतन के साथ विधायकों को क्यों दी रही पेंशन

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Hanumangarh News: हनुमानगढ़ के सूचना अधिकार जागृति संस्थान ने विधायकों के वेतन के साथ पेंशन का लाभ लेने को लेकर सवाल उठाए है. इस संबंध में राजस्थान विधानसभा सचिवालय से जानकारी भी हासिल की. एक्टिविस्ट का कहना है कि कुल वर्तमान और पूर्व 512 विधायकों को लगभग 36 करोड़ रूपए सालाना पेंशन के रूप में दिया जा रहा है. पहली बार विधायक बनने के बाद 35 हजार रूपए की पेंशन का प्रावधान है. जिसके बाद हर कार्यकाल के दौरान पहले से निर्धारित पेंशन में 8 हजार रुपए की बढ़ोतरी की जाती है.

अगर विधायक की उम्र 70 साल की आयु से अधिक है तो उसे 20 प्रतिशत अतिरिक्त और 80 साल की आयु से अधिक होने पर 30 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दी गई है. एक्टिविस्ट की मांग है कि सरकार भले ही भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए एजेंसियों को नियुक्त करे. भले ही सीबीआई और सीआईडी को नियुक्त करे. अगर हकीकत में भ्रष्टाचार दूर करना है तो इस पेंशन योजना पर अंकुश लगाया जाना चाहिए.

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एक्टिविस्ट का कहना है कि राजस्थान ही एक ऐसा राज्य है जहां विधायकों को इतनी अधिक पेंशन मिल रही है. हाल ही में पंजाब सरकार ने एक विधायक को एक पेंशन का नियम लागू कर दी है. ऐसे में राजस्थान सरकार को भी चाहिए. पेंशन नियम में बदलाव किया जाना चाहिए. ताकि आम जनता की मेहनत की कमाई ऐसे विधायकों पर नए लुटाई जा सके.

 

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