राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा: जिद पर अड़े गुर्जरों से वार्ता के बाद भी नहीं बनी बात! जानें

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Bharat Jodo Yatra: राजस्थान में राहुल गांधी की यात्रा के विरोध के ऐलान के बाद सोमवार को सरकार और गुर्जरों की वार्ता हुई. आज वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकल सका. मंगलवार को एक बार फिर से गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति से वार्ता होगी. गुर्जरों ने समझौता पूरा करने की मांग को लेकर सरकार को घेरा हुआ है. जिसके बाद अब दो घंटे तक संघर्ष समिति के साथ सरकार के तीन मंत्रियों ने वार्ता की.

राजस्थान में राहुल गांधी की यात्रा का पहले गुर्जरों की गर्जना अभी तक बरकरार है. आज सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद भी गुर्जरों का स्टैंड अब भी वहीं है,जो पहले था. सरकार के साथ हुए समझौतों को लेकर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने पूरा करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद आज सरकार ने वार्ता का न्यौता दिया.

सरकार के न्यौते के बाद करीब दो घंटे सरकार के तीन मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बातचीत हुई, लेकिन इस मीटिंग से कोई नतीजा नहीं निकला. मंगलवार को एक बार फिर से दोपहर एक बजे गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति से समझौते पर वार्ता होगी. हालांकि कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि गुर्जरों की सरकार से साथ वार्ता सकारात्मक हुई. अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई है. कल अफसरों से बात कर बाकी मांगों पर भी मनाने की कोशिश करेंगे. राज्यमंत्री अशोक चांदना का कहना है कि जो मांगे मानने वाली होंगी उनको माना जाएगा.

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गुर्जरों की ये हैं मांगें

  • रीट 2018 के संबंध में अति पिछड़ा वर्ग के 5 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से शेष रहे 372 पदों पर  नियुक्तियां दी जायें.
  • आरक्षण आन्दोलन के दौरान वर्ष 2006 से 2020 तक दर्ज हुये मुकदमों में से को सरकार वापस ले.
  • देवनारायण योजनाओं में हो रही घोर लापरवाही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच समिति बनाकर की जाए.इसे मजबूत किया जाए.
  • कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनावी घोषणा पत्र में किया गया वादा कि अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति के समान पिछड़ा वर्ग,अति पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग पदों को भरा जाये.

मांगे मानी तो स्वागत, नहीं तो विरोध
वहीं दूसरी तरफ गुर्जरों ने अपना रुख साफ किया है. गुर्जर नेता विजय बैंसला का कहना है कि सरकार को हमने सभी मांगे बताई है. कल फिर से वार्ता बुलाई गई है. अभी तक हमारा वही स्टैंड है. हम राहुल गांधी की यात्रा का विरोध करेंगे. यदि कल हमारी मांगे सरकार मानती है तो हम राहुल गांधी का स्वागत करेंगे.

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