सोशल मीडियो पर डॉन और गैंगस्टर को फॉलो करने वाले युवाओं पर पुलिस की नजर, होगा ये एक्शन!

ADVERTISEMENT

Rajasthantak
social share
google news

Rajasthan News: राजस्थान में सोशल मीडियो पर डॉन और गैंगस्टर का फिल्मी स्टाइल युवओं में काफी पापुलर हो रहा है. युवा ऐसे अपराधियों को न केवल फॉलो कर रहे हैं बल्कि इनसे इंस्पायर भी हो रहे हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर अपराधियों का फिल्मी डॉन टाइप महिमामंडन पुलिस के लिए चुनौती बन गया है.

इससे निपटने के लिए अब राजस्थान पुलिस ने कमर कस ली है. कुख्यात गैंगस्टर्स को फॉलो कर उनके काले कारनामों के नक्शेकदम पर चलने का खतरनाक ख्वाब देखने वाले युवाओं को अब राजस्थान पुलिस सही राह पर लाने का काम करेगी. इसे लेकर राजस्थान पुलिस के मुखिया ने आदेश भी जारी कर दिए हैं.

ऐसे गैंगस्टर्स से इंस्पायर होकर कम उम्र में बन रहे अपराधी
दरअसल प्रदेश के युवा कम उम्र में नाम कमाने के नाम के लिए कुख्यात गैंगेस्टर्स की गैंग में शामिल हो जाते हैं, लेकिन शायद इन्हें यह नहीं पता होता है कि अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद इन युवाओं का कितना दर्दनाक अंत होता है. युवाओं को शायद यह नहीं पता कि उनसे पहले भी कई युवाओं ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था, लेकिन वह अपने अंजाम तक पहुंचने से पहले ही मौत पर घाट उतार दिए गए.

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें...

राजू ठेहट शूटआउट में भी शूटर युवा थे
हाल ही में सीकर में हुए गैंगेस्टर्स राजू ठेहट के शूटआउट में भी चारो आरोपी युवा हैं. ऐसे में सोशल मीडिया की चकाचौंध में युवा भटकर बदमाशों को फॉलो कर उनको अपना आइडल मानने लग जा रहे हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर लेडी डॉन के नाम से मशहूर रेखा मीणा भी पुलिस की गिरफ्त में है. रेखा ने भी बेहद कम उम्र में अपराध की दुनिया में एंट्री ली है.

यह भी पढ़ें: जयपुर: लेडी डॉन रेखा मीणा को फेसबुक लाइव ने पहुंचाया जेल, जानिए पूरा मामला

ADVERTISEMENT

भटक रहे युवाओं को चिन्हित कर होगी काउंसलिंग
पुलिस ने राजस्थान के सभी जिलों के एसपी ऑफिस में परामर्श प्रकोष्ठ काउंसलिंग सेल के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस परामर्श प्रकोष्ठ सोशल मीडिया सेल द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा के आधार पर चयनित भटके युवाओं की सकारात्मक काउंसलिंग करेगी, जिसकी मॉनिटरिंग खुद डीजीपी उमेश मिश्रा करेंगे.

ADVERTISEMENT

हालांकि पहले भी सोशल मीडिया साइट के द्वारा बढ़ रहे अपराधों पर निगरानी रखकर सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. फिर भी नए काउंसलिंग सेल जिलों में सक्रिय अपराधियों और गैंगस्टर से प्रभावित होकर सोशल मीडिया पर अनुयायी बनने वाले युवाओं को ऐसे अपराधियों से दूर रखने, सोशल मीडिया साइट पर निगरानी रखने और भटके युवाओं को सही दिशा में लाने के लिए गठित की गई है.

इसे लेकर डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि परामर्श प्रकोष्ठ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय नोडल अधिकारी का कार्य करेंगे. साथ ही जिले में पदस्थापित वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी, सोशल मीडिया सेल प्रभारी और मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक या वरिष्ठ चिकित्साकर्मी इसके सदस्य होंगे. काउंसलिंग सेल के कार्यों का पर्यवेक्षण अपराध शाखा द्वारा किया जाएगा.

बता दे कि राजस्थान में आनंदपाल गैंग, राजू ठेहट गैंग, लॉरेंस गैंग सहित कई अन्य राज्यों के गैंगस्टर भी अब राजस्थान में अपना साम्राज्य फैला रहे हैं, जो प्रदेश के युवाओं को लग्जरी लाइफस्टाइल और रुतबा दिखाकर भटका रहे हैं.

यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर रील और धमकी से मशहूर लेडी डॉन रेखा मीणा की जानिए पूरी कहानी

    ADVERTISEMENT