राजस्थान कांग्रेस के नए प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा बोले- पंजाब में जो हुआ वो यहां नहीं होने दूंगा

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Rajasthan Political Crisis: पंजाब कांग्रेस में डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट और चार बार विधायक, कैप्टन सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके पंजाब के मंझे कांग्रेसी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा को राजस्थान का प्रभार दिया गया है. अजय माकन के इस्तीफे के बाद ये पद खाली था और ये कयास लगाए जा रहे थे कि राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा शुरू होने तक ये पद खाली नहीं रहने दिया जाएगा. कैप्टन सरकार के समय पंजाब में सियासत के हाई वोल्टेज ड्रामा के गवाह और खुद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रहे रंधावा ने कहा कि पंजाब का ये अनुभव राजस्थान में बहुत काम आएगा. उन्होंने ये भी कहा कि पंजाब में जो नुकसान हुआ वो राजस्थान में नहीं होने दूंगा.

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आज तक के मंजीत सहगल से खास बातचीत में बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री न बन पाने का कोई गिला नहीं है. उन्होंने माना कि उस वक्त पंजाब में जो कुछ हुआ उसका अनुभव राजस्थान की सियासी गुटबाजी में काम आएगा.

मैं ये जिम्मेदारी पूरा करके ही वासस जाऊंगा- रंधावा
सुखजिंदर रंधावा ने राजस्थान की गुटबाजी पर कहा- जिसको प्रभारी बनाया जाता है उसकी पहली जिम्मेदारी बनती है ग्रुपिज्म को कैसे कम करना है. राजस्थान का केस अलग है. जो ग्रुपिज्म की जो बात हो रही है.. दोनों कांग्रेसी हैं. बैकग्राउंड कांग्रेसी है. ऐसा नहीं है कि कोई बाहर से आया है. ऐसे ग्रुप को कंट्रोल जल्दी किया जा सकता है. हाई कमांड का साथ रहेगा मुझे. हाई कमांड इसमें चिंतित भी है कि इसमें दोबारा कांग्रेस को लेकर आना है. मुश्किल तो है पर ऐसा नहीं है कि मैं नहीं कर पाउंगा. राजस्थान के कांग्रेस में भी विश्वास होना चाहिए कि वो अपने लिए नहीं बल्कि पार्टी के लिए आया है. मैं पूरा कम करके ही वापस आउंगा.

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सेकेंड लाइन को ज्यादा मजबूत करना चाहिए- सुखजिंदर सिंह
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पार्टी में सेकेंड लाइन यानी यूथ को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि मेरी कोशिश रहेगी कि यूथ और मेन कांग्रेस के कॉम्बेनेशन को लेकर चलूं. यूथ के लिए भी रहेगा कि पहले संगठन में काम करो फिर साथ-साथ एड किया जाएगा.

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युवा और बुजुर्ग दोनों जरूरी- रंधावा
सेकेंड लाइन को मजबूत करने के साथ ही सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पायलट के युवा और गहलोत के बुजुर्ग वाले सवाल पर कहा- मेरी भी दाढ़ी पक गई है. आप मुझे भी बुजुर्ग कह देंगे. पार्टी के लिए दोनों कॉम्बिनेशन जरूरी है. अनुभव के बिना काम नहीं चल सकता है.

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फील नहीं होने दूंगा कि मैं किसी ग्रुप के साथ हूं- सुखजिंदर सिंह
रंधावा ने कहा- उनसे कहा जा सकता है कि ये हमारी पार्टी है. इस पार्टी ने हमें बहुत ज्यादा दिया है हमारे परिवार को. जो हाई कमांड ने, खड़गे जी ने, सोनिया जी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है.. मेरा विश्वास है कि उसे कंट्रोल करेंगे. पंजाब और राजस्थान का आपस में रिश्ता भी बहुत है. जो वहां के लीडर हैं उनके साथ मेरा भी रिश्ता बहुत नजदीकी है. सभी को अपने साथ लेकर चलूंगा. उनको कभी फील नहीं होने दूंगा कि मैं किसी ग्रुप के साथ हूं. मेरा एक वन प्वाइंट है कि मैं कांग्रेस के साथ हूं.

उनका ईगो कैसे शांत करना है ये देखना होगा- रंधावा
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गुटबाजी खत्म करने के तरीके को लेकर सवाल का जवाब देते हुए कहा- जो इंचार्ज होता है उसका मैसेज ये नहीं जाना चाहिए कि वो किसी के साथ है. बल्कि मैसेज ये जाना चाहिए कि वो पार्टी के साथ है. मेरा तो एक ही है कि मैं कांग्रेसी हूं. कांग्रेस को कैसे लाना है. कैसे हाथ जोड़ने हैं और कैसे उनको मनना है. कैसे उनका ईगो शांत करना है ये देखना होगा.

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पूरा इंटरव्यू यहां देखिए….

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