Rajasthan: महिला कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, पीरियड के दौरान मिलेगा ‘वर्क फ्रॉम होम, सीएम को भेजा गया प्रस्ताव

ADVERTISEMENT

Rajasthantak
social share
google news

Rajasthan: देशभर में महिला कर्मचारियों को पीरियड के दौरान छुट्टी देने को लेकर बहस छिड़ी हुई है. लेकिन इसी बीच राजस्थान सरकार की ओर से महिलाओं को जल्द ही खुशखबरी दी जा सकती है. जहां अब महिला कर्मचारियों के पीरियड के दौरान वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का प्रस्ताव पास हो चुका है. हालांकि राज्य समाज कल्याण बोर्ड ने महिला कर्मचारियों को पीरियड के दौरान होने वाली समस्या को देखते हुए राज्य सरकार को वर्क फ्रॉम होम देने के सुझाव का प्रस्ताव पास किया है, जिसे मुख्यमंत्री के पास भेजा गया और उम्मीद है जल्द ही इस पर मुहर लग जाएगी.

राजस्थान राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष डॉ अर्चना शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान राज्य समाज कल्याण बोर्ड की द्वितीय साधारण सभा में यह ऐतिहासिक प्रस्ताव पास हुआ. इस दौरान बोर्ड की अध्यक्ष डॉ अर्चना शर्मा ने बताया कि बैठक में राज्य बोर्ड की ओर से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन प्रारम्भ करने के लिए साधारण सभा की बैठक में 9 प्रस्ताव पास किए हैं. इसमें महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान वर्क फ्रॉम होम का प्रावधान महत्वपूर्ण हैं. जिससे मासिक धर्म के दौरान परेशानियों से महिलाओं को अब नहीं गुजरना पड़ेगा. अब राज्य सरकार इन प्रावधानों पर जल्द स्वीकृति दे सकती है.

दरअसल कामकाजी महिलाएं अपने घर के काम को संभालने के साथ-साथ मासिक पीरियड में अपने दफ्तरों के काम को भी संभालती हैं, जिस कारण महिलाओं की मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ रहा है. जबकि पीरियड के 2-3 दिन महिलाओं के लिए काफी परेशान करने वाले होते हैं. इस दौरान पेट और कमर में दर्द होना स्वाभाविक बात है. इसे ध्यान में रखते हुए ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं के लिए पेड लीव दिए जाने की पहल राजस्थान में की गई है.

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें...

बैठक में राज्य बोर्ड द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन प्रारम्भ करने के लिए गुड टच-बैड टच कार्यशाला, महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान वर्क फ्राम होम के प्रावधान, परिवार परामर्श केन्द्र, वृद्धाश्रम संचालन, यशोदा पालना गृह योजना, अन्तर्राष्ट्रीय भाषा शिक्षण केन्द्र की स्थापना जैसे विभिन्न प्रस्ताव प्रशासनिक विभाग के माध्यम से स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भिजवाये गए है.

राज्य में विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं, महिला एवं बच्चों के कल्याण व उत्थान के लिए प्रभावी नीति का निर्धारण के साथ-साथ उनके सामाजिक कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से किया गया है. वहीं बच्चों के साथ बढ़ते यौन अपराधों में कमी लाने के उद्देश्य से राज्य में संचालित सभी कॉलेजों, विद्यालयों में राज्य स्तर, जिला स्तर एवं पंचायत समिति स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे, जिसमें उन्हें गुड टच-बैड टच के बारे में जानकारी दी जाएगी.

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें: जोधपुर में सीएम गहलोत बोले- अभी रिटायरमेंट की बात नहीं, हमेशा राजस्थान की सेवा करूंगा

ADVERTISEMENT

    ADVERTISEMENT