हिस्ट्रीशीटर की दिनदहाड़े गोली मारकर की हत्या, बेटे के सामने बदमाशों ने की फायरिंग

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Rajasthan News:बारां जिले के अंता थाना इलाके मिर्जापुर में अवैध खनन को लेकर चल रहे एक विवाद में हिस्ट्रीशीटर अख्तर मिर्जा की शनिवार शाम को गोलीमार कर हत्या कर दी गई है. हत्यारों ने मिर्जा के बेटे के सामने ही उसे गोली मार दी. परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया है.

बारां जिले के अंता थाना इलाके के मिर्जापुर में अवैध खनन ओर जमीन को लेकर चल रहे विवाद में चहेड़िया निवासी हिस्ट्रीशीटर अख्तर मिर्जा की गोली मारकर हत्या कर दी है. मिर्जा खेत पर मौजूद मजदूर और पारिवारिक सदस्यों को भोजन देने सांगोद से बाइक से आया था. उसके साथ में उसका 17 साल का बेटा भी था. इस दौरान मिर्जापुर व चहेड़िया के बीच अख्तर मिर्जा पर कुछ लोगों प्राणघातक हमला करते हुए बेटे के सामने ही मौत के घाट उतार दिया. जिसमें लाठी, धारदार हथियार और फायरिंग की है हिस्ट्रीशीटर मिर्जा की हत्या के बाद भारी पुलिस जाब्ता मिर्जापुर व चहेड़िया गांव के आसपास तैनात किया गया है पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हुए हैं.

बारां एसपी कल्याणमल मीणा ने बताया कि शव को मिर्जापुर के अस्पताल में रखवा दिया है. पुरानी रंजिश के चलते ही यह वारदात अंजाम दी गई है. जिसमें फायरिंग करके अख्तर मिर्जा की हत्या की गई है. उनका कहना है कि आरोपियों को आईडेंटिफाई किया जा रहा है और सभी को डिटेन करने के लिए टीमे भी गठित कर दी गई हैं. टीमों को दबिश देने के लिए भेजा गया है. वहीं मृत अख्तर मिर्जा के परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया है और साथ ही कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही परिजनों कहना है कि शरीर पर 4 से 5 गोलियों के निशान हैं.

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मृतक के चहेडिया गांव में कई वर्षो से विवाद चल रहा था. जिसके चलते अख्तर मिर्जा के भाइयों के मकान आदि भी जला दिए थे. वहीं फसले नष्ट कर दी गई थी. इसके बाद यह सांगोद में अपने परिवार के साथ रहने लगा था. इस दौरान पुलिस से कई बार खुद की जमीन में खेती कराने में मदद और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और सुरक्षा देने की मांग पुलिस से कर चुका था.

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अख्तर मिर्जा और उसके भाई ने साल 2018 में आधा दर्जन लोगों पर फायरिंग कर दी थी. वहीं दूसरें पक्ष ने भी इनके परिवार के साथ मारपीट और फायरिंग की थी. इस मामले में अख्तर मिर्जा को और दूसरे पक्ष के लोग भी जेल गए थे, जिसके बाद ही अख्तर मिर्जा ने चहेड़िया गांव छोड़ दिया. वह अपने परिवार के साथ सांगोद रहने लगा था. इसी तरह की वारदात 2019 में भी हुई थी. अख्तर मिर्जा का अवैध खनन करने को लेकर विवाद भी चल रहा था. इस संबंध में अख्तर मिर्जा ने कुछ समय पहले खतरा बताते हुए पुलिस में शिकायत की थी.

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