जिस पार्टी में अनुशासन नहीं वो चल नहीं सकती, ये बात सबको अच्छी तरह समझ आ गई है- पायलट

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Sachin Pilot Exclusive: भारत जोड़ो यात्रा से ठीक पहले कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अनुशासनहीनता पर अपना कड़ा रुख दिखाया. जिसके बाद से प्रदेश में सियासी पारा उतरा हुआ नजर आ रहा है. बयानबाजियों का दौर थम सा गया है और सभी नेता भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियों में जुट गए हैं. गुजरात चुनाव से लेकर पार्टी में कलह और अनुशासन को लेकर मौसमी सिंह ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट से खास बात की. पायलट ने कहा कि जिस पार्टी में अनुशासन नहीं है वो चल नहीं सकती है. अनुशासन हर एक पर लागू होता है. पढ़िए इस इंटरव्यू के संपादित अंश…

सवालः भारत जोड़ो यात्रा क्या ठीक-ठाक निकल जाएगी? यहां तो कुनबे में कलह मची है?
जवाबः राजस्थान में कोई कलह नहीं मची है. आप पूरी यात्रा को देखें तो राहुल गांधी मोहब्बत से लोगों को जोड़ने की बात कर रहे हैं. यात्रा में अलग-अलग समाज के लोग आ रहे हैं. राजस्थान कांग्रेस शासित राज्य है, यहां पर एक अलग माहौल बनेगा. हम साथ में मिलकर इसको सफल बनाने में लगे हुए हैं.

सवालः केसी वेणुगोपाल ने जो कहा क्या वह पार्टी नेताओं को समझ में आ गया?
जवाबः पार्टी में अनुशासन जरूरी है. यह बात बहुत अच्छी तरह से समझ में आ गई है कि चाहे छोटा हो या बड़ा कार्यकर्ता हो, पार्टी से ऊपर नहीं है. ठोक बजाकर यह बात समझा दी गई है.

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सवालः आपने संयम बरता. माजरा क्या है?
जवाबः कुछ मर्यादा है, कुछ संस्कार है. मैं समझता हूं कि सामाजिक जीवन में पॉलिटिकल लाइफ में मर्यादाओं का सीमाओं का मान-सम्मान जरूरी है. मैं कभी ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहता हूं जो मैं खुद के लिए नहीं सुनना चाहता. एक बात आपके मुंह से निकल जाए, वह वापस नहीं आते.

सवालः राहुल ने आपको और गहलोत को असेट बोला. बात जयपुर तक आई तो बोला गया कि सभी कार्यकर्ता असेट हैं?
जवाबः राहुल जी ने जो कहा, उनका आंकलन है. मुझे नहीं लगता कि इसमें नुक्ताचीनी करनी चाहिए. सब मिलकर काम कर रहे हैं और कोशिश है कि राजस्थान में जो सरकार बनाई है, वह रिपीट हो. साल 2023 में चुनाव है, हम लोग मिलकर मेहनत करेंगे तो सरकार बना सकता है.

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सवालः यात्रा की एंट्री वसुंधरा राजे के गढ़ से होगी, क्या सही शुरुआत है?
जवाबः पहले तय किया गया कि यात्रा झालावाड़ से होते हुए कोटा, बूंदी, दौसा और अलवर होकर जाएगी. झालावाड़ से इसलिए आ रही है क्योंकि वह मध्य प्रदेश की सीमा है.

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सवालः अजय माकन राजस्थान में नजर नहीं आ रहे हैं?
जवाबः जिम्मेदारी उन्हीं को दी गई है, जो कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता है. यह कमेटी हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने कमेटी बनाई है. मैं अजय माकनजी के प्रकरण पर कमेंट नहीं करना चाहता हूं. इस समय उनके बारे में कुछ बोलना ठीक नहीं है.

सवालः जब आप एमपी में गए तो यात्रा की टाइमिंग को लेकर सवाल उठे. ऐसा माना गया कि राहुल और प्रियंका का साथ सचिन को साथ मिला हुआ है?
जवाबः सोनिया जी, प्रियंका जी और राहुल जी सभी को कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला हुआ है. किसी एक शख्स को खास समर्थन जैसी कोई बात नहीं है.

सवालः राहुल गांधी ने कहा कि आम आदमी पार्टी हौवा बनाए जा रही है और हवा हो जाएगी. अरविंद केजरीवाल का दावा है कि कांग्रेस की जमानत जब्त हो जाएगी. आपका क्या मानना है?

जवाबः अब यह कह भी क्या सकते हैं, आप पार्टी ने गुजरात में चुनाव में हाइप क्रिएट करने की कोशिश की है. इसके लिए बहुत पैसे खर्च किए हैं, लेकिन कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक कहीं नहीं जाएगा.

सवालः मल्लिकार्जुन खड़गे के 100 सर वाला रावण वाले बयान पर बीजेपी ये कह रही है कि गुजरात के बेटे का अपमान हुआ है?
जवाबः खड़गे साहब के बयान को ट्विस्ट किया जा रहा है. मोदी इतने बड़े नेता हैं, उनको सहानूभुति लेने की क्या जरूरत है? उनको तो मुद्दे की बात करनी चाहिए. मुद्दे पर बात नहीं करते हैं, चुनाव के समय यह जानबूझकर एक विवाद खड़े करने की कोशिश करते हैं. वह ध्रुवीकरण करके भावनात्मक मुद्दों को भड़काकर वोट लेने की कोशिश कर रहे है, लेकिन हम लोग स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बना रहे हैं.

सवालः पीएम मोदी तो रिकॉर्ड तोड़ने की बात कर रहे हैं, गुजरात गौरव और गुजरात के बेटे के सामने कोई टिक पाएगा?
जवाबः रिकॉर्ड तो टूटा है, लेकिन महंगाई, अत्याचार और रुपए का. पहले तो उन्होंने मुख्यमंत्री बदला, फिर सारे मंत्री बदल दिए और अब प्रधानमंत्री वोट मांग रहे हैं. अगर आपकी परफॉर्मेंस अच्छी होती तो इसकी क्या जरूरत थी कि दिल्ली का शासन छोड़कर आप गुजरात आ पहुंचे? क्योंकि आपको अपनी राज्य सरकार पर कॉन्फिडेंस नहीं.

सवालः आप यात्रा में जाते हैं तो लोगों को परेशानी क्यों होती है?
जवाबः यह किसी को नहीं खलता है, ना ही कोई खलबली मचती है. सभी खुश है, अपनी भूमिका को अलग-अलग बांट लेते हैं. राहुल जी चलते हैं ढाई हजार किमी. हम चल रहे हें 50-100 किमी. हम सब जनता से जुड़ने की बात कर रहे हैं. हम किसी की बुराई नहीं कर रहे हैं. अब हम सब 500 किमी तक चलेंगे राजस्थान में.

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