Jaipur: बुजुर्ग की मौत के तीसरे दिन बाद श्मशान घाट में कुछ ऐसा हुआ की बुलानी पड़ी पुलिस, जानें पूरा मामला

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Jaipur: बुजुर्ग की मौत के तीसरे दिन बाद श्मशान घाट में कुछ ऐसा हुआ की बुलानी पड़ी पुलिस, जानें पूरा मामला
Jaipur: बुजुर्ग की मौत के तीसरे दिन बाद श्मशान घाट में कुछ ऐसा हुआ की बुलानी पड़ी पुलिस, जानें पूरा मामला
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Jaipur: जयपुर में एक बुजुर्ग की मौत हो जाने के बाद उसके अंतिम संस्कार के तीसरे दिन श्मशान घाट में कुछ ऐसा घटित हुआ जिसे देख सभी के कान खड़े हो गए. जिस जगह पर परिजन मृतक का दाह संस्कार करके घर की ओर लौट गए थे, वो जब हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार वापस फूल चुनने गए तब अस्थियों पर पानी छिड़कने के दौरान उन्हें एक कैंची दिखाई दी. फिर पता चला की यह सर्जिकल कैंची है, जिसे अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज के अंदर ही छोड़ दिया गया. फिर क्या था मृतक के बेटे ने पुलिस को सूचना दी और तुरंत पुलिस श्मशान घाट पहुंची.

घटना जयपुर के मानसरोवर इलाके के महारानी फॉर्म स्थित श्मशान घाट की है. जहां बीते 13 जून को 74 वर्षीय उपेंद्र शर्मा का इलाज के दौरान निधन हो जाने के बाद अंत्येष्टि हुई. इसके बाद 15 जून को सुबह बेटा कमल शर्मा जब श्मशान में फूल चुनने के लिए मोक्ष धाम में अस्थियों पर पानी छिड़क रहा था तब उसे सर्जिकल कैंची मिली. मृतक के बेटे कमल का कहना है कि पिता को जिस दिशा में लिटाया गया था, उसी दिशा में हार्ट के पास ये सर्जिकल कैंची मिली है. इसके बाद उसने शिप्रा पथ थाना पुलिस को सूचना देकर मुक्ति धाम में बुलवाया और अस्पताल के डॉक्टरो पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दी.

फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉक्टर्स पर लगे आरोप

मृतक के बेटे कमल ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 29 मई को उनके पिता उपेंद्र शर्मा की तबीयत खराब होने पर फोर्टिस हॉस्पिटल ले गए थे. यहां 30 मई रात करीब 8:30 बजे उनके पिताजी को ऑपरेशन के लिए ओटी में ले जाया गया. बेटे ने आरोप लगाया कि हार्ट सर्जरी के दो दिन बाद ही घर लाने पर पिता की तबीयत बिगड़ने लगी. इसी बीच 12 जून को रात 8:30 बजे उनकी मौत हो गई. इसके अगले ही दिन 13 जून को उनका अंतिम संस्कार किया गया. बेटे ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

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चिकित्सा मंत्री ने दिए जांच के आदेश

इधर घटना के बाद प्रदेश के चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विभाग ने तीन सदस्य समिति गठित की है. चिकित्सा मंत्री के निर्देश पर तत्काल एक्शन लेते हुए विभाग ने निदेशक जनस्वास्थ्य की अध्यक्षता में कमेटी को मामले की त्वरित जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. कमेटी में निदेशक जनस्वास्थ्य रवि प्रकाश माथुर के अलावा अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन सुशील कुमार परमार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय बीएल मीणा को शामिल किया गया है. यह कमेटी तीन दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.

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