बच्चों को ऑनलाइन गेम का चस्का लगाकर करोड़ों की करते थे ठगी, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

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बच्चों को ऑनलाइन गेम का चस्का लगाकर करोड़ों की करते थे ठगी, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा
बच्चों को ऑनलाइन गेम का चस्का लगाकर करोड़ों की करते थे ठगी, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा
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Rajasthan News: जयपुर पुलिस ने एक ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है जो प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को झांसे में लेकर उनके जरिए बच्चों को ऑनलाइन गेम का चस्का लगाती थी. इसके बाद बच्चों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी की जाती थी. पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से कॉल सेंटर चलाकर सट्टे का कारोबार करते 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही उनके कब्जे से 6 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब भी बरामद हुआ है.

जयपुर की प्रतापनगर थाना पुलिस ने इस गैंग का भंडाफोड़ किया है. यह गैंग पहले मासूम बच्चों को गेमिंग ऐप के जाल में फंसाकर ऑनलाईन पेमेन्ट ऐप के माध्यम से रुपये डलवाती है. फिर उनकी आईडी पासवर्ड बनाकर उनकी आईडी में जमा करवाये गये रुपयों के बदले उतने ही रुपयों के पाइंट उपलब्ध करवाकर ठगी करती थी.

जयपुर ईस्ट डीसीपी ज्ञानचंद यादव ने बताया कि 5 मई को प्रतापनगर थानाधिकारी मानवेंद्र सिंह को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि आयुष भवन के पीछे सेक्टर 26 में आधा दर्जन युवक ऑनलाइन गेमिंग ऐप पर दांव लगाकर सट्टे का कारोबार कर रहे हैं. इसके बाद एडीसीपी अवनीश कुमार के सुपर विजन में एसीपी राम सिंह की विशेष टीम ने छापेमारी की.

इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने छापेमारी कर मौके से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनकी पहचान विशाल यादव, आदिल, खान, मुकेश झाझडिया, योगेश कुमार, अमन शर्मा, सुरेश कुमार, पंकज, सुनील कुमार, संदीप कुमार, अब्दुल रशीद, प्रवीण कुमार और अंकित यादव के रूप में हुई है.

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ऐसे दिया जाता था ठगी की वारदात को अंजाम
दरअसल ऑनलाईन ऐप SKY EXCHANGE APPLICATION जो कि रजिस्ट्रड ऐप नहीं है, पर लोगों को झांसा देकर ऑनलाईन पेमेन्ट ऐप के माध्यम से रुपये डलवाते है. फिर उनकी आईडी-पासवर्ड बनाकर उनकी आईडी में जमा करवाये गये रुपयों के बदले उतने ही रुपयों के पाइंट उपलब्ध करवाकर गेम व क्रिकेट सट्टा, आईपीएल सट्टा आदि में रुपया लगवाकर ठगी की जाती थी.

परिजनों को कॉल सेंटर में काम करने का दे रखा था झांसा
इस काम के लिए आरोपियों ने करीब 6 माह से इसी मकान को अपना ठिकाना बना था. उन्होंने अपने परिवारवालों को यह बता रखा था कि वह एक कॉल सेंटर में काम करते हैं. आरोपियों को यहां सट्टा उपकरण व अन्य सुविधाएं फरार मास्टरमाइंड अखिलेश द्वारा दी जा रही थी, जो बेरोजगार युवकों को झांसा देकर इस काम में धकेल देता था. इसके लिए उसने बैंक में अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से अकाउंट खुलवा रखे थे जिनमें बीते 6 माह के अन्दर करोड़ों का लेन-देन सामने आया है. इन सभी खातों को फ्रीज करवाकर पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है.

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